भारत सरकार द्वारा समर्थन प्राप्त सर्वेक्षण के अनुसार वर्ष 2018 के लिए भारत के सर्वश्रेष्ठ संस्थानों की श्रेणी में हैदराबाद विश्वविद्यालय को स्थान मिला है. शोध-सुविधाओं, अकादमिक उत्कृष्टता से लेकर स्नातकों की नियुक्ति इत्यादि मापदंडों के आधार पर यह सर्वेक्षण किया गया. भारत की रैंकिंग-2018 नेशनल इंस्टीट्यूशनल रैंकिंग फ्रेमवर्क (एनआईआरएफ) के तहत की गई थी, जिसमें 20 मापदंडों के आधार पर 3,954 से अधिक संस्थाओं का मूल्यांकन किया गया है.

3 अप्रैल, 2018 को विज्ञान भवन में आयोजित एक भव्य समारोह में माननीय मानव संसाधन विकास मंत्री श्री. प्रकाश जावडेकर जी ने शीर्ष संस्थानों को रैंक प्रमाण पत्र प्रदान किए. मानव संसाधन विकास मंत्रालय द्वारा जारी रैंकिंग के अनुसार, है.वि.वि. को देश के सभी विश्वविद्यालयों में 5वाँ स्थान और देश के सभी संस्थानों में 11वाँ स्थान मिला है. रैंकिंग के लिए 200 से अधिक विश्वविद्यालयों का सर्वेक्षण किया गया. है.वि.वि. के कुलपति प्रो. अप्पा राव पोदिले ने मा.सं.वि.मं. के मंत्री जी से रैंक प्रमाण-पत्र और स्मृति चिन्ह स्वीकार किया. पिछले साल, है.वि.वि. को देश के सभी विश्वविद्यालयों में 7वाँ स्थान और देश के सभी संस्थानों में 14वाँ स्थान मिला था.

संस्थानों को रैंक प्रदान करने के लिए निम्नलिखित मानदंडों का प्रयोग किया गया : (1) शिक्षण, शिक्षा और संसाधन (2) शोध और व्यवसायपरक अभ्यास (3) स्नातकों की संख्या (4) आउटरीच और समावेशिता और (5) अवधारणा.

है.वि.वि. के कुलपति प्रोफेसर अप्पा राव पोदिले ने इस सम्मान का सारा श्रेय विश्वविद्यालय के हितधारकों को दिया. उन्होंने कहा कि हम देश के शीर्ष 5 विश्वविद्यालयों में स्थान प्राप्त करने पर खुश हैं. विश्वविद्यालय ने इस श्रेणी में अपना रैंक (7 वें स्थान से 5 वें स्थान) बेहतर बनाया है, लेकिन हम केवल इससे संतुष्ट नहीं होंगे. विश्वविद्यालय को न केवल भारत में शीर्ष संस्थान के रूप में, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शिक्षण और अनुसंधान की गुणवत्ता में मान्यता प्राप्त संस्थान बनाने के लिए हम अपने प्रयासों में दोगुनी गति लाएँगे. हमें खुशी है कि विश्वविद्यालय के विकास में हमारे शिक्षकों, अधिकारियों और छात्रों के साथ पूर्व छात्रों ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है. हमारा उद्देश्य है कि शिक्षा और अनुसंधान की गुणवत्ता में विकास करके सर्वश्रेष्ठ छात्रों का निर्माण करें जो भविष्य के आदर्श नागरिक बन सकें. इस प्रक्रिया में विश्व ज्ञान तथा अर्थव्यवस्था में भी वे योगदान दे सकें.

प्रो. अप्पा राव ने पिछले साल एक समिति गठित की थी ताकि सावधानी से उन क्षेत्रों का विश्लेषण किया जा सके जहाँ विश्वविद्यालय को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय दोनों रैंकिंग में बेहतर स्थान मिले. इसके अलावा, समिति ने मा.सं.वि.मं., भारत सरकार द्वारा आरंभ ‘प्रतिष्ठित-संस्थान’ (IoE) का दर्जा पाने केलिए विश्वविद्यालय के लिए एक आवेदन भी तैयार किया है. देश के अंतिम दस प्रतिष्ठित-संस्थान (IoE) में स्थान के लिए चयनित 20 संस्थानों में से है.वि.वि. एक है. 2 अप्रैल को नई-दिल्ली में हैदराबाद विश्वविद्यालय ने प्रतिष्ठित संस्थान (IoE) चयन के लिए गठित अधिकृत-समिति को एक प्रस्तुति दी.

इस साल रैंकिंग मैदान में 3,954 संस्थान हैं, यानी पिछले साल की तुलना में 745 अधिक आवेदक हैं. अन्य श्रेणी के संस्थानों को भी रैंक प्रदान किए गए हैं जिनमें इंजीनियरी, प्रबंधन, कानून, भेषज, वास्तुकला, चिकित्सा और महाविद्यालय इत्यादि शामिल हैं.

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