हैदराबाद विश्वविद्यालय संचार विभाग के संकाय प्रो. वासुकी बेलवाड़ी ने 6 फरवरी, 2017 को मानविकी संकाय में ‘रीडिंग द डाक्यूमेंट्री फिल्म’ नामक विषय पर एक व्याख्यान दिया. अपने व्याख्यान में उन्होंने वृत्तचित्र को देखने की विधि तथा वृत्तचित्र को देखते समय दर्शक को किन-किन पहलुओं और बातों पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए आदि विषयों पर ज़ोर दिया.

इस संदर्भ में प्रो. बेलवाड़ी ने टिप्पणी करते हुए कहा कि, प्रत्येक वृत्तचित्र एक उद्देश्य के साथ बनाया जाता है. 99.9% वृत्तचित्र व्यक्तिपरक होते हैं. हर निर्देशक अपने वृत्तचित्र को ‘एक बिंदु’ अर्थात किसी एक मुद्दे को प्रकाश में लाने के लिए बनाता है. इसे मूर्त रूप प्रदान करने के लिए वह संदर्भ, विश्वसनीयता और वितरण आदि बातों को ध्यान में रखते हुए अति सावधानी के साथ इसका निर्माण करता है.

इस संदर्भ में प्रो. बेलवाड़ी ने वृत्तचित्र बनाने में वास्तविकता, मध्यस्थता और प्रतिनिधित्व की भूमिकाओं को सविस्तार बताया. वास्तव में इस व्याख्यान को द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान घटित प्रलय पर बनाई गई फिल्मों की शृंखला का परिचय भी कहा जा सकता है.

प्रो. बेलवाड़ी ने इंडियन एक्सप्रेस, डेक्कन हेराल्ड, ईनाडू टीवी और इसी प्रकार के कई अन्य मीडिया हाउस में काम किया है. उन्होंने ऑक्सफ़ोर्ड यूनिवर्सिटी प्रेस द्वारा वीडियो निर्माण पर ‘विडियो प्रोडक्शन’ (द्वितीय संस्करण) नामक एक पुस्तक प्रकाशित की, जो इस विषय पर लिखी गई भारत की पहली पुस्तक के रूप में जानी जाती है. प्रो. बेलवाड़ी यूनेस्को चेयर के साथ सामुदायिक मीडिया के फैकल्टी फैलो भी हैं.

प्रो. बेलवाड़ी से संपर्क करने हेतु आप vb@uohyd.ac.in से जुड़ सकते हैं.

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