दिव्यांग व्यक्तियों के लिए अधिकार प्राप्त समिति (ईसीडीएपी), हैदराबाद विश्वविद्यालय ने 12 फरवरी, 2018 को मानविकी संकाय, है.वि.वि. में ‘दृष्टिबाधित व्यक्तियों के लिए डिजिटल संसाधन केन्द्र’ का उद्घाटन किया.

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रिबन काटने की रस्म और जलपान वितरण के बाद, ईसीडीएपी के अध्यक्ष डॉ. एस. राजगोपाल ने सबका स्वागत करते हुए कहा, “मैं यहाँ उपस्थित सभी गणमान्य व्यक्तियों का स्वागत करता हूँ और उनके निरंतर समर्थन के लिए उनका धन्यवाद करता हूँ. यह डिजिटल संसाधन केंद्र शुरू करने के लिए हमें संसाधन प्रदान करने के लिए मानविकी संकाय के अध्यक्ष और यूनिवर्सिटी विथ पोटेन्शियल फॉर एक्सेलेंस – चरण-II (यूपीई चरण- II) को भी मैं धन्यवाद देता हूँ.”

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संसाधन केंद्र का उद्घाटन करते हुए, हैदराबाद विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर अप्पा राव पोदिले ने मानविकी संकाय के अध्यक्ष और सभी के प्रयासों की सराहना की जिनसे इस केन्द्र की कल्पना और योजना को मूर्त रूप दिया गया. उन्होंने उद्घाटन समारोह के दौरान उपस्थित छात्रों को सलाह दी कि वे इस सुविधा का पूरा लाभ उठाएँ.

मानविकी संकाय के अध्यक्ष, प्रोफेसर पंचानन मोहंती ने सभा को संबोधित करते हुए कहा, “मानविकी शब्द का अर्थ ही है मानवता को अक्षुण्ण रखना और यह प्रयास इसी भाव से प्रेरित है कि दिव्यांग व्यक्तियों को भी समान अवसर मिलना चाहिए.”

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सम-कुलपति, है.वि.वि., प्रो. प्रकाश बाबू ने कहा कि उन्हें गर्व है कि हैदराबाद विश्वविद्यालय भी उन भारतीय विश्वविद्यालयों में शामिल हो गया है जो दिव्यांग व्यक्तियों के लिए सुविधाओं से सुसज्जित हैं.

संसाधन केंद्र में ब्रेल प्रिंटर और स्कैनर उपलब्ध हैं जो दस्तावेजों के ब्रेल में मुद्रण और स्कैनिंग में सक्षम हैं. इससे कंप्यूटर उपकरणों को दृष्टिबाधितों के लिए अधिक सुलभ बनाने में मदद मिलेगी.

ईसीडीएपी के सदस्य डॉ. श्री अन्नवरम ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया.

जलपान के साथ कार्यक्रम समाप्त हुआ.

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