4 अप्रैल, 2017 को मानविकी व्याख्यान शृंखला के अंतर्गत मानविकी संकाय के सम्मेलन कक्ष में फ्री यूनिवर्सिटी बर्लिन की लुसिया रैगेटी का ‘Daisy Picking in the Garden of Wisdom: an Anthology of Arabic Sciences and Medicine’ विषयक व्याख्यान आयोजित किया गया.

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लुसिया रैगेटी ने प्रभावी ढंग से छद्म लेखकों और उनके कुछ कार्यों के बारे में बात की. साथ ही, आपने पुरातन एवं समृद्ध अरबो-इस्लामिक साहित्य के बारे में भी बताया जो प्राकृतिक विज्ञान और चिकित्सा पर आधारित है. इनका संकलन एवं विस्तार तथा साहित्य के माध्यम से प्रचार विविध प्राचीन ज्ञान-स्रोतों से मूलत: अब्बासिद काल (नौवीं सदी) में किया गया. आपने ऐसे कई साहित्य प्रकारों पर भी बात की जो कि जोतिष शास्त्र से संबंधित हैं, जिन्हें संभवत: भारतीय साहित्य से लिया गया है.

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फ्री यूनिवर्सिटी बर्लिन में लुसिया रैगेटी अनुसंधान सहायक हैं. आपको अरबी मध्ययुगीन वैज्ञानिक साहित्य एवं उसकी पांडुलिपि परंपरा में विशेष रुचि है. लुसिया रैगेटी एक भाषाविद् एवं पूर्व-आधुनिक विज्ञान एवं चिकित्सा की इतिहासकार हैं. आपने लो’रिएंतेल वि.वि., नेपल्स से अरबो-इस्लामिक अध्ययन में स्नातक की उपाधि प्राप्त की. यहीं से आपने लेडन यूनिवर्सिटी के सह-मार्गदर्शन में अरबी के प्राचीनतम औषधीय कार्यों के आलोचनात्मक संस्करण एवं अनुवाद पर पीएच.डी. भी प्राप्त की. वर्ष 2012 में आपने फ्री यूनिवर्सिटी बर्लिन में ‘प्राचीन ज्ञान का इतिहास’ समूह के साथ अरबी अध्ययन विभाग में काम करना आरंभ किया.

आपके कई विशेष निबंध एवं लेख प्रकाशित हो चुके हैं.

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