2 जून को तेलंगाना सरकार ने तेलंगाना राज्य गठन समारोह के अवसर पर तेलंगाना के प्रतिष्ठित हस्तियों को विभिन्न क्षेत्रों में उनके योगदान के लिए सम्मानित किया. है.वि.वि. के पूर्व-छात्र (एस.एन. संकाय से एम.पी.ए., पी.एच.डी.) डॉ. जी. कुमार स्वामी को रंगमंच कला के क्षेत्र में उनके योगदान के लिए राज्य स्तर के विशिष्ट पुरस्कार-2018 से सम्मानित किया गया. 2 जून को रवींद्र भारती, हैदराबाद में पुरस्कार वितरण समारोह आयोजित किया गया.

डॉ. जी. कुमार स्वामी को तेलंगाना के माननीय उप-मुख्यमंत्री जनाब महमूद अली ने राज्य स्तरीय विशिष्ट पुरस्कार देकर सम्मनित किया. इस अवसर पर तेलंगाना के पुलिस महानिदेशक (DGP) श्री. महेंदर रेड्डी, राज्य सरकार के सलाहकार श्री. के.वी. रमणाचारी, पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष श्री. बी.एस. रामुलु, सरकार के सचिव श्री. बुर्रा वेंकटेशम, तेलंगाना साहित्य अकादमी के अध्यक्ष नंदिनी सिद्दा रेड्डी, संस्कृति विभाग के निदेशक श्री. मामिडी हरिकृष्ण इत्यादि मौजूद थे. उपरोक्त के अलावा, इस कार्यक्रम में उपस्थित अन्य गणमान्य व्यक्तियों में संस्कृति और पर्यटन मंत्री ए. चंदुलाल, गृह मंत्री नाइनी नरसिम्हा रेड्डी, तेलंगाना सांस्कृतिक सारथी के अध्यक्ष रसमयी बालकृष्ण आदि मौजूद थे. इस पुरस्कार में स्मृति चिह्न, शाल, प्रमाणपत्र और नकद पुरस्कार 100,116/- रुपये शामिल हैं.

वरंगल (नगर) जिले में कोप्पूर गाँव के पारंपरिक लोक रंगमंच परिवार (ओग्गु कथा) में जन्मे डॉ. जी. कुमार स्वामी रंगमंच और फिल्म कला के प्रति ज्वलंत उत्साह रखते हैं. कला व संस्कृति और रंगमंच कला अभ्यास/सिद्धांत में 25 वर्षों का अनुभव रखने वाले डॉ. जी. कुमार स्वामी पहले भारतीय रंगमंच कलाकार/निर्देशक हैं जिन्होंने पेकिंग विश्वविद्यालय, इंस्टीट्यूट ऑफ वर्ल्ड थिएटर, बीजिंग, चीन में अपनी कला का प्रदर्शन किया है. उन्होंने आई.आई.आई.टी., हैदराबाद में प्राध्यापक के रूप में तथा राष्ट्रीय चीनी रंगमंच संस्थान (एन.ए.सी.टी.ए) और हॉन्गु कॉलेज, बीजिंग में भी अतिथि प्राध्यापक के रूप में अपनी सेवाएँ प्रदान की हैं. कंप्यूटर अनुप्रयोग में स्नातक की पढ़ाई को पूरा करने के बाद रंगमंच कला के प्रति उत्साह के कारण तेलुगु विश्वविद्यालय, हैदराबाद से रंगमंच कला में पी.जी. डीप्लोमा किया तथा तदनंतर उन्होंने है.वि.वि. द्वारा दी गई मेरिट छात्रवृत्ति से एम.पी.ए. (Masters in Performing Arts) किया. बाद में, रंगमंच कला विभाग, एस.एन. संकाय, हैदराबाद विश्वविद्यालय से रंगमंच कला में यू.जी.सी./जे.आर.एफ./एस.आर.एफ. से पीएच.डी की, जिसके निदेशक डॉ. जोली पुथुसेरी (वर्तमान में सी.एफ.सी.एस.-यू.ओ.एच.में सह-प्रोफेसर के रूप में कार्यरत) हैं. उन्होंने 110 से ज्यादा मंच प्रदर्शनों और 8 लघु चित्रों तथा 4 फीचर फिल्मों में निर्देशन और अभिनय किया है.

वे भारतीय अभिनय अनुसंधान संघ (ISTR), एशियाई अभिनय कार्य समूह (ATWG), अंतराष्ट्रीय अभिनय अनुसंधान संघ (IFTR-UK) के सक्रिय सदस्य रहे हैं. 2007 में पेरिस (फ्रांस) में कला और सांस्कृतिक शिक्षा पर संपन्न हुई यूनेस्को-अंतर्राष्ट्रीय और यूरोपीय संगोष्ठी और जून 2008 में सियोल (दक्षिण कोरिया) में आयोजित इंटर-एशिया ग्रीष्मकालीन शिविर में उनकी भागीदारी और ऐतिहासिक तेलंगाना राज्य आंदोलन के लिए उनके योगदान से प्लानेटजी थिएटर समूह की शुरुआत, इत्यादि सराहनीय हैं.

चीनी सरकार की छात्रवृत्ति के लिए चुने गए पहले तेलंगाना कलाकार हैं तथा बीजिंग में चीनी अभिनय कला (एनएसीटीए) की नेशनल एकेडमी में बीजिंग ओपेरा फिजिकल में प्रशिक्षित भी हैं. एक सक्रिय कार्यकर्ता और शोधकर्ता के रूप में उन्होंने 9 अंतर्राष्ट्रीय और 6 राष्ट्रीय सम्मेलनों में पत्र प्रस्तुत किए हैं और हैदराबाद विश्वविद्यालय में अतिथि प्रोफेसर के रूप में आमंत्रित किए गए. इन सभी उपलब्धियों के अलावा, बीजिंग, चीन-2009, सिंगापुर, मलेशिया में 6 अंतराष्ट्रीय प्रदर्शन दिए हैं. आपको वर्ष 2017 में तेलंगाना सरकार द्वारा आयोजित विश्व तेलुगु सम्मेलन में आयोजित की गई राज्य स्तर की प्रतियोगिता में सर्वश्रेष्ठ लघु-फिल्म का द्वितीय पुरस्कार, भारत सरकार के युवा कलाकार तथा वर्ष 2016 में हैदराबाद विश्वविद्यालय योग्यता (मेरिट) पुरस्कार और तेलंगाना सरकार और कुछ राज्य पुरस्कारों के सर्वश्रेष्ठ अभिनय कलाकार के साथ अन्य प्रकाशनों, जैसे कई पुरस्कारों से सम्मानित किया गया है. हाल ही में उन्होंने भारत सरकार द्वारा ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ सांस्कृतिक विनिमय कार्यक्रम के तहत तेलंगाना राज्य से हरियाणा और केरल राज्यों को जाने वाली कलाकार की टीम का नेतृत्व किया. वर्तमान में वे तेलंगाना सरकार, संस्कृति विभाग, टीएसएस – तेलंगाना सरकार के साथ कार्य कर रहे हैं.

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